आदिवासी बालिकाओं की प्राथमिक शिक्षा के मार्ग में आने वाली बाधाएं : राँची जिले के विशेष सन्दर्भ में एक अध्ययन

Abstract(सारांश): शिक्षा किसी भी समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास का प्रमुख आधार है। भारत के संविधान में प्रत्येक बालक एवं बालिका को समान शिक्षा का अधिकार प्रदान किया गया है। इसके बावजूद आज भी आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाली बालिकाएं गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा से वंचित हैं। झारखण्ड के राँची जिले में आज भी आदिवासी समुदाय की पर्याप्त जनसंख्या निवास करती है, जहां बालिकाओं की शिक्षा अनेक सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक तथा विद्यालीय समस्याओं से प्रभावित होती रहती है। गरीबी, अभिभावक की अशिक्षा, विद्यालय की दूरी, बालश्रम, घरेलू कामों का बोझ, लैंगिक असमानता जैसी समस्याएं बालिकाओं की नियमित उपस्थिति और शैक्षिक उपलब्धि पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य आदिवासी बालिकाओं बालिकाओं की प्राथमिक शिक्षा में आने वाली प्रमुख बाधा की पहचान करना तथा उनके समाधान के लिए व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत करना। अध्ययन में वर्णनात्मक शोध पद्धति का प्रयोग किया गया है। प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आंकड़ों का उपयोग किया गया है। अध्ययन में यह स्पष्ट होता है कि यदि विद्यालयीय सुविधाओं में सुधार, अभिभावकों में जागरूकता, आर्थिक सहयोग तथा सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये तो आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा में सुधार सम्भव है।

Keywords(कुंजी शब्द): शिक्षा, समाज, आदिवासी, बालिका, राँची, देश।


Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top